Login Form

If you are not registered please Sign Up|Forget Password

signup form

If already registered please Login

blog

30 Oct, 2018 Blog

5 Asaan Upaay Badal Denge Apki Kismat / 5 आसन उपाय बदल देंगे आपकी किस्मत

https://youtu.be/8F7H-q9ct-4

5 आसन उपाय बदल देंगे आपकी किस्मत

दीपावली की रात्रि में समस्त आसुरी शक्ति मदहोश रहती है। इसलिए इस दिन किसी प्रकार की साधना की जाए तो वह सफल होती है। इस दिन विघ्न पैदा करने वाली ताकतें निष्प्रभावी रहती हैं। में यहां कुछ ऐसे प्रयोग बता रहे हूँ जिससे आपको फल अधिक मिलें व प्रयास कम हों। आप कोई भी एक या सब प्रयोग कर सकते हैं।

1. दीपावली के दिन सूर्योदय से लेकर दूसरे दिन के सूर्योदय तक अखंड दीपक जलाएं।

2. कमल गट्टे की माला से रात्रि को ॐ कमलायै नमः इस मंत्र की 41 माला जप करें।

3. दीपावली के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करके रात्रि में महालक्ष्मी स्रोत, विष्णु सहस्रनाम, गोपाल सहस्रनाम का पाठ करें।

4. लक्ष्मी पूजन करके तिजोरी में 5 कमल गट्टे, 1 खड़ी हल्दी, थोड़ा-सा खड़ा धनिया, खड़ी सुपारी, एक सिक्का रखें जो वर्ष पर्यंत तक रहे।

5. दीपावली की रात्रि उपरांत सूर्योदय के पूर्व घर की झाडू लगाकर घर के बाहर सारा कचरा डालकर के दरिद्रता को बाहर करें। यह कार्य अंधेरे में गुप्त रूप से करें।

read more
30 Oct, 2018 Blog

Diwali Par Sukh Samridhi Ke Liye Karein Ye Upaay / दिवाली पर सुख समृद्धी के लिये करें ये उपाय

https://youtu.be/RQ_s5VDydaw

दिवाली पर सुख समृद्धी के लिये करें ये उपाय


१. सरसों के तेल से दरिद्रता दूर भागती है, सुख समृद्धि में वृद्धि होती है और भूत-प्रेत, ऊपरी बलाएं आदि पास नहीं आ पाते ,इसलिए सरसों तेल का दीपक दीपावली की रात्रि अवश्य जलाएं |
२. रात्रि को मुख्य पूजन में अपने बही खाते, कलम, पर्स, सोना-चांदी, रत्न, आभूषण, धन आदि रखें। विद्यार्थीगण अपनी पुस्तकें अवश्य रखें। इससे सभी कामनाएं पूरी होती हैं। इसके अतिरिक्त श्री यंत्र, एकाक्षी नारियल, श्रीफल, शंख मालाओं और सभी देवी देवताओं की मूर्तियों का भी पूजन अवश्य करें।
३. रात्रि को ग्यारह से एक बजे के मध्य इस मंत्र का कमलगट्टे या स्फटिक की माला से ग्यारह बार जप करें तथा हर एक माला पूरी होने पर अपनी मनोकामना कहें।अगर दिव्या गुटिका या डिब्बी है तो उस पर इस मंत्र का किया गया जप इसके प्रभाव को कई गुना बढ़ा देता है |
मंत्र ¬ ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः
४. दीपावली के अवसर पर श्री सूक्त का पाठ करें। श्री सूक्त की ऋचाओं का हवन करने से भी मां लक्ष्मी अपने साधकों पर प्रसन्न होती है।
5. दीपावली की संध्या के पश्चात काली उड़द के दो साबुत पापड़ लेकर उस पर थोड़ा सा दही और सिंदूर डाल दें और उसे पीपल के पेड़ के नीचे रख दें। तिल के तेल से युक्त आटे से बना चैमुखी दीपक भी पीपल के पेड़ के नीचे जड़ के पास जला दें। अपनी मनोकामना कहें तथा कष्ट, परेशानियों को वहीं छोड़ जाने की बात कहें। सीधे घर आकर अपने हाथ-पैर धो लें। ध्यान रहे आने-जाने में कोई टोके नहीं। मनोकामना पूर्ण होगी। धन, सुख, समृद्धि में वृद्धि होगी।

निर्विघ्न साझेदारी के लिए टोटका

दीपावली की रात्रि को लक्ष्मी-पूजन करने के पश्चात् कच्चे सूत के कुछ धागे एक साथ रखकर उन्हें बटकर रस्सी जैसी बना लें । मातेश्वरी लक्ष्मीजी के पूजन-स्थल पर उनका ध्यान करते हुए यह प्रक्रिया पूर्ण करें । सूत की इस डोरी पर पूजन की रोली के छींटे लगाएँ और पूजन कर दें |इसे रात्रिभर पूजा के थाल में रखा रहने दें । दूसरे दिन कार्यालय, पैâक्ट्री अथवा दुकान में इसे किसी ऊँची कील अथवा खूँटी पर टाँग दें । पूरे वर्ष इसे एक ही जगह टँगा रहने दें । प्रत्येक दीपावली पर इस विधि से नई डोरी बनाकर वहाँ टाँगें और पुरानी डोरी को पवित्र नदी या सरोवर में विसर्जित कर दें । सूत की इस डोरी के समान ही दृढ़ साझेदारी बनी रहेगी ।

धन प्राप्ति के लिए


दीपावली के दिन प्रात: व्यक्ति बिना स्नान किए, बिना दातुन किए, एक नारियल को पत्थर से बाँधकर नदी या तालाब के जल में डुबो दे और डुबोते समय प्रार्थना करें कि शाम को मैं आपको लक्ष्मी के साथ लेने आऊँगा । सूर्यास्त के बाद उस नारियल को जल से निकालकर ले आवें तथा लक्ष्मीपूजन के समय उसकी भी पूजा कर भण्डारगृह या संदूक में रख दें, तो पूरे वर्ष असाधारण रूप से धन प्राप्त होता रहता है ।

read more
30 Oct, 2018 Blog

Dhanteras Par Kare Ye,Saal Bhar Rahenge Swasth / धनतेरस पर याद से करें ये काम,साल भर रहेंगे स्वस्थ

https://youtu.be/leDpVTA3stk

धनतेरस पर याद से करें ये काम,साल भर रहेंगे स्वस्थ


जिस प्रकार देवी लक्ष्मी सागर मंथन से उत्पन्न हुईं थीं, उसी प्रकार भगवान धन्वन्तरि भी अमृत कलश के साथ सागर मंथन से उत्पन्न हुए थे। देवी लक्ष्मी हालांकि धन देवी हैं परन्तु उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए आपको स्वस्थ और लम्बी आयु भी चाहिए।
यही कारण है कि दीपावली के दो दिन पहले से ही यानि  धनतेरस से ही दीपामालाएं सजने लगती हैं।
कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन ही धन्वन्तरि का जन्म हुआ था इसलिए इस तिथि को धनतेरस के नाम से जाना जाता है।
धन्वन्तरि जब प्रकट हुए थे तो उनके हाथों में अमृत से भरा कलश था। भगवान धन्वन्तरि चूंकि कलश लेकर प्रकट हुए थे इसलिए ही इस अवसर पर बर्तन खरीदने की परम्परा है। कहीं-कहीं लोकमान्यता के अनुसार यह भी कहा जाता है कि इस दिन धन  खरीदने से उसमें 13 गुणा वृद्धि होती है।
इस अवसर पर धनिया के बीज खरीद कर भी लोग घर में रखते हैं। दीपावली के बाद इन बीजों को लोग अपने बाग-बगीचों में या खेतों में बोते हैं।
धनतेरस के दिन चांदी खरीदने की भी प्रथा है। अगर सम्भव न हो तो कोई भी बर्तन खरीदें।
इसके पीछे यह कारण माना जाता है कि यह चन्द्रमा का प्रतीक है जो शीतलता प्रदान करता है और मन में संतोष रूपी धन का वास होता है।
भगवान धन्वन्तरि जो चिकित्सा के देवता भी हैं, उनसे स्वास्थ्य और सेहत की कामना की जाती है।
 

read more
29 Oct, 2018 Blog

Diwali Par Kare Ye Kaam Aur Dekhe Chamatkar / दिवाली पर करें ये काम और देखें चमत्कार

https://youtu.be/UjQW9DNM2mQ

दिवाली पर करें ये काम और देखें चमत्कार

दिवाली के दिन कुछ विशेष उपाय करने से लक्ष्मी  प्राप्ति होती है। 

कमल गट्टे की माला दिवाली के दिन महालक्ष्मी पर चढ़ा दें। दिवाली के बाद उसको अपने घर की तिजोरी में  रख दें धन की प्राप्ति होगी।

गुलाब का इत्र  दिवाली के दिन माता लक्ष्मी के फ़ोटो पर लगाएँ। अद्भुत उपाय है अगर गुलाब का इत्र  नहीं मिलता है तो गुलाब की अगरबत्ती भी चलेगी।

दिवाली के दिन सच्चे घी के दीपक में एक छोटी इलायची डाल दें। दिवाली के बाद उसको आप घर की तिजौरी में  रख दें। यह प्रयोग आप आपनी  दुकान और फैक्ट्री में  भी कर सकते हैं।

आम के पत्तों पर शुभ लाभ लिख कर आप अपने घर या दुकान के द्वार पर लगा दें।। धन में  वृद्धि होगी।

कर्ज उतारने के लिए उपाय

घर में  पूर्व दिशा या उत्तर दिशा या फिर जिस दिशा में आपके घर का मंदिर हो उस दिशा में  ज़मीन पर हल्दी से श्री  लिख दें और उसके आगे सच्चे घी का दीपक जला दें।। इस प्रयोग से क़र्ज़ जल्दी उतर जाएगा।

कोर्ट केसेस के लिए

दिवाली के दिन हनुमान जी के मंदिर में सच्चे घी का दीपक जलाएं उसमें लोंग डाले कोर्ट केसेस आपके पक्ष में  आ सकते हैं।

शादी के प्रस्ताव और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए

विष्णु और लक्ष्मी के चित्र को आप कमल के फूल अर्पित करें इससे अच्छे शादी के प्रस्ताव आयंगे और वैवाहिक जीवन में मधुरता आएगी।

बच्चे के लिए

दिवाली के दिन बेसन के लड्डू लेकर उसमें केसर डाल दें और लक्ष्मी नारायण  मंदिर में प्रसाद के तौर पर दें आएं ।

पढ़ाई  के लिए

दिवाली के दिन गणेश जी की मूर्ति को आप 5 या 11 अक्खी हल्दी की माला चढ़ाएं  अद्भुत लाभ होगा।
 

read more
29 Oct, 2018 Blog

Diwali Ki Raat Yaha Jarur Lagaye Dipak / दिवाली की रात यहाँ ज़रूर लगायें दीपक

https://youtu.be/2Pv0zSxD7Kc

दिवाली की रात यहाँ ज़रूर लगायें दीपक

दिवाली की रात में कहां-कहां दीपक लगाने चाहिए।

  • पीपल के पेड़ के नीचे दीपावली की रात एक दीपक लगाकर घर लौट आएं। दीपक लगाने के बाद पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहिए। ऐसा करने पर आपकी धन से जुड़ी समस्याएं दूर हो सकती हैं।
  • यदि संभव हो सके तो दिवाली की रात के समय किसी श्मशान में दीपक लगाएं। यदि यह संभव ना हो तो किसी सुनसान इलाके में स्थित मंदिर में दीपक लगा सकते हैं।
  • धन प्राप्ति की कामना करने वाले व्यक्ति को दीपावली की रात मुख्य दरवाजे की चौखट के दोनों ओर दीपक अवश्य लगाना चाहिए।
  • हमारे घर के आसपास वाले चौराहे पर रात के समय दीपक लगाना चाहिए। ऐसा करने पर पैसों से जुड़ी समस्याएं समाप्त हो सकती हैं।
  • घर के पूजन स्थल में दीपक लगाएं, जो पूरी रात बुझना नहीं चाहिए। ऐसा करने पर महालक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
  • किसी बिल्व पत्र के पेड़ के नीचे दीपावली की शाम दीपक लगाएं। बिल्व पत्र भगवान शिव का प्रिय वृक्ष है। अत: यहां दीपक लगाने पर उनकी कृपा प्राप्त होती है।
  • घर के आसपास जो भी मंदिर हो वहां रात के समय दीपक अवश्य लगाएं। इससे सभी देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है।
  • घर के आंगन में भी दीपक लगाना चाहिए। ध्यान रखें यह दीपक भी रातभर बुझना नहीं चाहिए।
  • घर के पास कोई नदी या तालाब हो तो वहां पर रात के समय दीपक अवश्य लगाएं। इस से दोषो से मुक्ति मिलती है ।
  • तुलसी जी के पास रात के समय दीपक अवश्य लगाएं। ऐसा करने पर महालक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
  • पितरों का दीपक, गया तीर्थ के नाम से घर के दक्षिण में लगाये । इस से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।
read more
29 Oct, 2018 Blog

Dhan Vradhi Ke 4 Achuk Nuskhe / धन वृद्धि के 4अचूक नुस्खे

https://youtu.be/QZwbglWoWMY

धन वृद्धि के 4अचूक नुस्खे

हर व्यक्ति धन कमाने के लिए हर संभव प्रयास करता है। कुछ लोग धन कमाने की फेहरिस्त में आगे होते हैं तो कुछ थोड़े कम पर जो असफल रह जाते हैं, वे इसके लिए अनेक प्रकार के उपाय करते हैं। यहां कुछ ऐसे ही नुस्खे हैं जिन्हें अगर आप आस्था और विश्वास से आजमाएं तो आप भी धनवान बन सकते हैं।

  • प्रत्येक गुरुवार को तुलसी के पौधे में दूध अर्पित करने से आर्थिक संपन्नता की वृद्धि होती है।
  • बरगद के वृक्ष की छांव में यदि कोई पौधा उग आया हो तो उसे मिट्टी सहित खोद कर निकालें और अपने घर में लगाएं। जिस गति से वह पौधा बढ़ेगा उतनी ही गति से आपकी समृद्धि में वृद्धि होगी।
  • माह के पहले बुधवार की रात्रि में कच्ची हल्दी की एक गांठ भगवान श्रीकृष्ण को अर्पित करें और अगले दिन गुरुवार को उसे पीले धागे में बांधकर अपनी दाहिनी भुजा पर धारण करें। इससे आर्थिक संपन्नता में वृद्धि होगी।
  • धन रखने के स्थान पर पान के पत्ते में शमी की लकड़ी को लपेटकर रखने से धन का अभाव कभी नहीं रहता।
  • नियमित रूप से केले के वृक्ष में जल अर्पित करने और दोनों समय शुद्ध घी का दीपक जलाने से आर्थिक समृद्धि होगी।
  • रविपुष्य योग में मदार की जड़ लाकर दाएं हाथ में पहनने से आर्थिक समृद्धि में वृद्धि होती है।
  • यदि आपके पास धन नहीं रुकता हो तो किसी भी माह के पहले शुक्रवार को चांदी की डिब्बी में काली हल्दी, नागकेसर व सिंदूर को साथ रखकर मां लक्ष्मीजी के चरणों से स्पर्श करवाकर धन रखने के स्थान पर रख दें। फिर इसका प्रभाव देखें।
read more
29 Oct, 2018 Blog

Is Diwali Puja MeYaad Se Kare Ye Kaam Or Dekhe Chamatkar / इस दिवाली पूजा में याद से करें ये काम, और देखें चमत्कार

https://youtu.be/4IxEEUoeBFg

इस दिवाली पूजा में याद से करें ये काम, और देखें चमत्कार 

दीपावली  मुख्य त्यौहारों  में  से एक है। इस वर्ष दिवाली 7, नवम्बर 2018 , बुधवार को मनाई जाएगी। दिवाली भगवान श्री राम के अयोध्या वापसी की खुशी में मनाई जाती है। इस दिन लक्ष्मी जी की पूजा  का विधान है।

दिवाली पूजा विधि

स्कंद पुराण के अनुसार कार्तिक अमावस्या के दिन प्रात:  काल स्नान आदि से निवृत्त होकर सभी देवताओं की पूजा  विधि  से करनी चाहिए। इस दिन संभव हो तो दिन में भोजन नहीं करना चाहिए।

घर में शाम के समय पूजा घर में लक्ष्मी और गणेश जी की नई मूर्तियों को एक चौकी पर स्वस्तिक बनाकर तथा चावल रखकर स्थापित करना चाहिए। मूर्तियों के सामने एक जल से भरा हुआ कलश रखना चाहिए। इसके बाद मूर्तियों के सामने बैठकर हाथ में जल लेकर शुद्धि मंत्र का उच्चारण करते हुए उसे मूर्ति पर, परिवार के सदस्यों पर और घर में छिड़कना चाहिए।

गुड़, फल, फूल, मिठाई, दूर्वा, चंदन, घी, पंचामृत, मेवे, खील, बताशे, चौकी, कलश, फूलों की माला आदि सामग्रियों का प्रयोग करते हुए पूरे विधि- विधान से लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा करनी चाहिए। इनके साथ- साथ देवी सरस्वती, भगवान विष्णु, काली मां और कुबेर देव की भी विधिपूर्वक पूजा करनी चाहिए। पूजा करते समय 11 छोटे दीप तथा एक बड़ा दीप जलाना चाहिए।

सभी छोटे दीप को घर के चौखट, खिड़कियों व छतों पर जलाकर रखना चाहिए तथा बड़े दीपक को रात भर जलता हुआ घर के पूजा स्थान पर रख देना चाहिए।

पूजा में आवश्यक साम्रगी महालक्ष्मी पूजा या दिवाली  पूजा के लिए रोली, चावल, पान- सुपारी, लौंग, इलायची, धूप, कपूर, घी या तेल से भरे हुए दीपक, कलावा, नारियल, गंगाजल, गुड़, फल, फूल, मिठाई, दूर्वा, चंदन, घी, पंचामृत, मेवे, खील, बताशे, चैकी, कलश, फूलों की माला, शंख, लक्ष्मी व गणेश जी की मूर्ति, थाली, चांदी का सिक्का, 11 दीपक  आदि वस्तुएं पूजा के लिए एकत्र कर लेना चाहिए।

लक्ष्मी मंत्र

लक्ष्मी जी की पूजा के समय इस मंत्र  का लगातार उच्चारण करते रहना चाहिएः

ऊं श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः

दीपावली पूजा मुहूर्त 2018

दीपावली के दिन प्रदोषकाल में माता लक्ष्मी जी की पूजा होती है। मान्यता है कि इस समय लक्ष्मी जी की पूजा करने से मनुष्य को कभी दरिद्रता का सामना नहीं करना पड़ता। इस साल पूजा का शुभ मुहूर्त है।

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त  शाम 5:30 से से लेकर रात को 8: 11 तक

निशारात्रि मुहूर्त : -  रात्रि 12:42से रात्रि 02:59  बजे  तक ।

read more
29 Oct, 2018 Blog

Vivah Me Ho Rahi Deri Janch Le Ghar Ka Vastu Dosh / विवाह में हो रही देरी तो जांच लें घर का वास्तु दोष

https://youtu.be/uDmG2iSXKlw

क्यों होती है विवाह में देरी ,क्या घर का वास्तु  भी हो सकता है इसकी वजह ?


बता रही है महावास्तु एक्सपर्ट बबिता चौधरी

विवाह में विलंब के कई प्रमुख कारण हो सकते है उनमें से एक मुख्य कारण वास्तु भी होता है , घर का वास्तु सन्तुलित ना होने की वजह से भी व्यक्ति को विवाह नहीं होने या विलंब विवाह की परेशानी आती है ।।

लड़के/लड़की की शादी  के लिए   कोई भी परेशानी 16 दिशाओं में से कुछ दिशाओं के असन्तुलित हो जाने की वजह से होती है।लड़कों को अलग और लड़कियों को अलग दिशाओं के असंतुलन की वजह से विवाह में परेशानी होती है ।

लड़कों के विवाह विलंब की मुख्य दिशाएं
उत्तर दिशा
उत्तर पूर्व दिशा
दक्षिण दक्षिण पूर्व दिशा
दक्षिण पश्चिम दिशा और
उत्तर पश्चिम दिशा

लड़कियों के लिए मुख्य रूप से जिन दिशाओ के असंतुलन की वजह से ये परेशानी आती है वो है

उत्तर दिशा
पूर्व उत्तर पूर्व
पूर्व
दक्षिण पूर्व
दक्षिण पश्चिम
पश्चिम  और
उत्तर पश्चिम 

व्यक्ति के घर में जब इन दिशाओं में इनके विपरीत दिशाओं का सामान ,रंग ,वास्तु, आ जाएगी या इनमें से किसी भी दिशा के विपरीत दिशा से सम्बंधित कार्य जब होने लगते है तब ये परेशानी जीवन में आती हैं।कई बार जब आप परेशानी के निवारण के लिए ज्योतिषी के पास जाते है तो वो आपकी पत्री देख कर यही तो बोलते है कि अभी तक तो शादी हो जानी चाहिए थी

इसका मतलब ये होता है कि आपको आपके भाग्य का लिखा हुआ भी आपको तब तक नहीं मिलता जब तक आपके निवास स्थान का वास्तु संतुलित नहीं होता है  ।,

उदाहरण के लिए :- अगर दक्षिण दिशा में जो की अग्नि की दिशा है वहां आपने उत्तर दिशा से सम्बंधित रंग घर में करा दिया या वहां पानी का नल या टैंक लगवा दिया तो आपने  दक्षिण दिशा की अग्नि को कमजोर कर दिया जिसकी वजह से शुभ कार्यो में देरी होने लगती है  ।
एक सुखी जीवन जीने के लिए मनुष्य को अपने भवन का वास्तु संतुलित रखना अनिवार्य है ।

read more
26 Oct, 2018 Blog

Janmwar Ke Anusar Kaisa Hai Apka Bhavisya / जन्मवार के अनुसार कैसा होगा आपको भविष्य और स्वभाव

https://youtu.be/dogyBxkE0XE

जन्म वार के अनुसार जानिए कैसा होगा आपको भविष्य और स्वभाव


ज्योतिष के अनुसार राशि और लग्न के अलावा जन्म का वार भी आपका स्वभाव बताता है। आप जिस दिन या वार को जन्म लेते हैं, उसके अनुसार आपका स्वभाव तय होता है। किसी भी व्यक्ति का स्वभाव उसके जन्म के वार को जानकर समझा जा सकता है। 
रविवार - रविवार को जन्मे व्यक्ति पर सूर्य का प्रभाव रहता है। ऐसे जातक का स्वभाव निर्भिक, लेकिन उदार रहता है। रंग गेंहुआ और कपाल चौड़ा रहता है। वह बलशाली व्यक्तित्व का धनी होता है।
सोमवार - सोमवार को जन्मे व्यक्ति पर चंद्र का प्रभाव रहता है। ऐसे व्यक्ति का स्वभाव शांत तथा आध्यात्मिक विचारों से संपन्न रहता है। उसकी वाणी में मिठास और मधुरता रहती है। वह गंभीर और भावुक रहता है।  
मंगलवार - मंगलवार को जन्मे व्यक्ति पर मंगल ग्रह का प्रभाव रहता है। ऐसे व्यक्ति का यदि मंगल खराब है तो वह तामसी प्रवृत्ति का होगा तथा सदा क्रोधी, जिद्दी स्वभाव कर रहेगा । यदि मंगल अच्छा है, तो व्यक्ति निर्भिक, नीडर और न्यायप्रिय रहेगा तथा हर परिस्थिति में बुद्धि से काम लेगा।
बुधवार - बुधवार को जन्मे व्यक्ति पर बुध ग्रह का प्रभाव रहता है। ऐसा व्यक्ति कला एवं व्यापार में निपुण रहता है। वाणी में मिठास और चेहरे पर आकर्षण रहता है, लेकिन अगर कुंडली में बुध की स्थिति खराब है, तो ऐसे व्यक्ति चालाक और दिव्या स्वप्न देखने वाला रहेगा। और उसकी बुद्धि में हमेशा दुविधा और संशय बना रहेगा।
गुरुवार - गुरुवार को जन्मे व्यक्ति पर बृहस्पति ग्रह का प्रभाव रहता है। ऐसा व्यक्ति गंभीर चिंतन करने वाला और धार्मिक स्वभाव से संपन्न रहता है। उसके स्वभाव में मिलन सारिता और सर्व हिताय की भावना रहती है। लेकिन यदि गुरु की स्थिति ठीक नहीं है तो ऐसा व्यक्ति ढ़ोंगी साधु या ढ़ोंगी बन सकता है। असत्य बोलने वाला और लोगों को अपने झूठे ज्ञान से भ्रम में डालने वाले रहेगा।
शुक्रवार - शुक्रवार को जन्मे व्यक्ति पर शुक्र ग्रह का प्रभाव माना गया है। यदि शुक्र ग्रह ठीक है तो व्यक्ति कलाप्रिय और तेज बुद्धि का होगा। आधुनिक विचारों को महत्व देने वाला और स्वभाव से विनम्र होगा। लोगों को अपनी बातों और कार्यों से प्रभावित करने में कुशल लेकिन यदि शुक्र ग्रह खराब है, तो विलासितापूर्ण जीवन बिताने वाला और आरामपसंद व्यक्ति माना जाएगा।
शनिवार - शनिवार को जन्म जातक पर शनि ग्रह का प्रभाव माना गया है, तो यदि शनि शुभ स्थिति में है, तो व्यक्ति न्यायप्रीय, कलाप्रिय और कर्मवान होगा। स्पष्टवादी और सिद्धांतप्रिय स्वभाव का रहेगा, लेकिन यदि शनि की स्थिति ठीक नहीं है तो गरम स्वभाव, निर्बल शरीर और आलसी स्वभाव का रहेगा।

read more
26 Oct, 2018 Blog

Prem Vivah Se Pehle Kundli Me Jaanch Lein Ye Yog / प्रेम विवाह से पहले कुंडली में जांच लें ये योग

https://youtu.be/Hk7cdMH0wRc

प्रेम विवाह से पहले कुंडली में जांच लें ये योग


ज्योतिष में प्रेम- संबंधों और प्रेम-विवाह को लेकर हमेश से ही दिलचस्पी रही है। ज्योतिषी शास्त्र में कई ऐसी ग्रह दशाओं और योगों का वर्णन है, जिनकी वजह से व्यक्ति प्रेम करता है और स्थिति प्रेम-विवाह तक पहुंच जाती है।
– प्रेम विवाह में कारक ग्रहों के साथ यदि अशुभ व क्रूर ग्रह बैठ जाते हैं तो प्रेम-विवाह में बाधा आ जाती है। यदि प्रेम-विवाह का कुण्डली में योग न हो तो प्रेम-विवाह नहीं होता। आइए, जानें ऐसे कुछ ज्योतिषीय योगों के बारे में-
प्रेम-विवाह के ज्योतिषीय योग-
1. जन्म पत्रिका में मंगल यदि राहू या शनि से युति बना रहा हो तो प्रेम-विवाह की संभावना होती है।
2. जब राहू प्रथम भाव यानी लग्न में हो परंतु सातवें भाव पर बृहस्पति की दृष्टि पड़ रही हो तो व्यक्ति परिवार के विरुद्ध जाकर प्रेम-विवाह की तरफ आकर्षित होता है।
3. जब पंचम भाव में राहू या केतु विराजमान हो तो व्यक्ति प्रेम-प्रसंग को विवाह के स्तर पर ले जाता है।
4. जब राहू या केतु की दृष्टि शुक्र या सप्तमेश पर पड़ रही हो तो प्रेम-विवाह की संभावना प्रबल होती है।
5. पंचम भाव के मालिक के साथ उसी भाव में चंद्रमा या मंगल बैठे हों तो प्रेम-विवाह हो सकता है।
6. सप्तम भाव के स्वामी के साथ मंगल या चन्द्रमा सप्तम भाव में हो तो भी प्रेम-विवाह का योग बनता है।
7. पंचम व सप्तम भाव के मालिक या सप्तम या नवम भाव के स्वामी एक-दूसरे के साथ विराजमान हों तो प्रेम-विवाह का योग बनता है।
8. जब सातवें भाव का स्वामी सातवें में हो तब भी प्रेम-विवाह हो सकता है।
9. शुक्र या चन्द्रमा लग्न से पंचम या नवम हों तो प्रेम विवाह कराते हैं।
10. लग्न व पंचम के स्वामी या लग्न व नवम के स्वामी या तो एकसाथ बैठे हों या एक-दूसरे को देख रहे हों तो प्रेम-विवाह का योग बनाते हैं यह।
11. सप्तम भाव में यदि शनि या केतु विराजमान हों तो प्रेम-विवाह की संभावना बढ़ती है।
12. जब सातवें भाव के स्वामी यानी सप्तमेश की दृष्टि द्वादश पर हो या सप्तमेश की युति शुक्र के साथ द्वादश भाव में हो तो प्रेम-विवाह की उम्मीद बढ़ती है।

read more

Download our Mobile App

  • Download
  • Download