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25 Apr, 2018 Blog

स्वास्थ्य के लिए वास्तु

स्वास्थ्य ही संपत्ती है’ | अगर परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य को लेकर कोई समस्या है तब पूरा परिवार अस्वस्थ होता है और उनकी दैनिक दिनचर्या में हलचल हो जाती है । हर जगह लोग बीमारी या और किसी वजह से पीड़ित हैं । कुछ परिवारों में, हालांकि उपर से भले ही दिखाई न दें लेकिन परिवार में कोई न बिना कारण कोई किसी न किसी बीमारी से परेशान है । जानिए कुछ आसान वास्तु टिप्स |

 

 रात में जूठे बर्तन न रखें। संध्या समय पर खाना न खाएं और न ही स्नान करें।  शाम के समय घर में सुगंधित एवं पवित्र धुआं करें।  दिन में एक बार चांदी के गिलास का पानी पियें। इससे क्रोध पर नियंत्रण होता है। - शयन कक्ष में मदिरापान नहीं करें अन्यथा रोगी होने तथा डरावने सपनों का भय होता है।

किचन में अग्नि और पानी साथ न रखें। - अपने घर में चटकीले रंग नहीं करायें। - घर में कोई रोगी हो तो एक कटोरी में केसर घोलकर उसे कमरे में रख दें। वह जल्दी स्वस्थ हो जाएगा। सुबह उठकर पूर्व दिशा की सारी खिड़कियां खोल दें। उगते सूरज की किरणें सेहत के लिए बहुत लाभदायक होती हैं। इससे पूरे घर के बैक्टीरिया एवं विषाणु नष्ट हो जाते हैं।

छत में लगे लोहे के बीम के नीचे नही सोना चाहये । यह सिरदर्द और चिडचिडेपन का कारण बन सकता है। यही नहीं, इससे आपसी संबंधों में भी तनाव उत्पन्न होता है। जिस कक्ष का दरवाजा सीढियों के सामने खुलता हो, ऐसे कमरे में शयन करने से भी बचें|

वास्तु के अनुसार पूर्व दिशा स्वास्थ्य और लम्बी आयु का प्रतिनिधित्व करती है। इसलिए अगर आप स्वस्थ रहना चाहते हैं, तो इस दिशा को ऊर्जावान रखें।

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