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14 Apr, 2018 Blog

Astromitram : Use Shri Yantra & Be Rich / श्री यंत्र का उपयोग कर बनें धनवान

श्रीयंत्र के महत्व और उसकी स्थापना विधि को समझना जितना जरूरी है उतना ही आवश्यक इस यंत्र के उपयोग को जानना भी है... यन्त्र शास्त्र के अनुसार श्रीयंत्र लक्ष्मी को आकर्षित करने वाला प्रभावी  यंत्र है. श्रीयंत्र के माध्यम से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं. आजकल हर व्यक्ति श्रीयंत्र लेना चाहता है...  बेचने वालों की भी कमी नहीं है. पर सवाल ये है कि क्या एक श्री यन्त्र रखने मात्र से काम बन जाते हैं. क्या आप जानते है कि इसका उपयोग कैसे करना चाहिए... 
यन्त्र शास्त्र विज्ञानं में हर कार्य के लिए यंत्रो का निर्माण किया जाता है. इसके अलावा भी बहुत सारे यन्त्र होते हैं जैसे कुबेर यन्त्र, व्यापार यन्त्र। लेकिन श्री यन्त्र को सबसे महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है इसीलिए इसे यन्त्र राज कहा जाता है. पहले इसकी रचना समझते है.  श्रीयंत्र के उपयोग को जानने से पहले इसकी रचना को समझना आवश्यक है| 

श्री यन्त्र की रचना पांच त्रिकोणों से होती है... जिसमें 43 त्रिकोण द्वारा होती है. इन त्रिकोणों को दो कमल घेरे हुए होते हैं, पहला कमल अष्टदल का होता है और दूसरा बाहरी कमल षोडशदल का होता है. इन दो कमलों के बाहर तीन वृत हैं इसके बाहर तीन चौरस होते हैं जिन्हें भूपुर कहते हैं. इस यंत्र को तांबे, चांदी या सोने पर बनाया जा सकता है. स्फटिक के श्री यन्त्र भी आजकल उपलब्ध है|

लेकिन कोई भी श्रीयंत्र खरीदने या अपने घर स्थापित करने से पहले उस यंत्र की सत्यता जान लेना जरूरी है... धर्म से जुड़ी किसी भी दुकान से श्रीयंत्र खरीद लेना बहुत आसान है.. और अब तो श्रीयंत्र ऑनलाइन बुक करवा कर उसकी होम डिलिवरी भी करवा ली जाती है... यानि 24 घंटे में आप कभी भी अपने घर श्री यंत्र लेकर आ सकते हैं... लेकिन घर में श्रीयंत्र स्थापित करने का ये सही तरीका नहीं है... श्रीयंत्र को खरीदने से पहले शुभ मुहुर्त का ध्यान रखना भी आवश्यक है... अर्थात श्रीयंत्र घर तक आए तो शुभ मुहुर्त में आए... उससे पहले ये निश्चिंतता भी की जानी जरूरी है कि बेचने वाले ने इस यंत्र को आप तक सिद्ध करने के बाद ही पहुंचाया है... और अगर ऐसा नहीं है तो श्रीयंत्र पूर्ण प्रभाव नहीं दे सकता है... क्योंकि मंत्रों के द्वारा श्रीयंत्र में जान डालना और सिद्ध करना भी आवश्यक है...
अब सवाल ये है कि क्या ये सब जाने बगैर आप श्रीयंत्र खरीद चुके हैं... उसे स्थापित भी कर चुके हैं लेकिन अब तक शुभ फल मिलना शुरू नहीं हुए... तो कुछ उपाय कर आप भी श्रीयंत्र का लाभ ले सकते हैं... इसके लिए शुक्ल पक्ष का शुक्रवार श्रेष्ठ दिन है... इस दिन श्रीयंत्र को गंगाजल से धो लें.. और अपने मंदिर में रख कर माता लक्ष्मी का ध्यान करें और ओम श्री मंत्र का जाप करें... कम से कम 21 बार इस मंत्र का जाप करें... पांच दिन तक ये क्रम बना कर रकें... उसके बाद ही ये यंत्र सिद्ध होता है... पर सबसे बेहतर ये होगा कि यंत्र सिद्धि के लिए आप किसी जानकार की मदद लें|

उसके बाद यंत्र को अपने मंदिर में स्थापित करे या जहा भी आप चाहते है दुकान या ऑफिस में रख दे. नित्य इन मंत्रो से श्री यंत्र की पूजा करें|

श्री महालक्ष्म्यै नमः

’ श्री ह््रीं क्लीं ह््रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः

’ श्रीं ह््रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह््रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
 इन तीनों मंत्रों को न पढ़ सकें तो किसी एक मन्त्र का जाप करना भी पर्याप्त होगा... याद रखें कि श्री यन्त्र की जितनी पूजा होती है उतना ही बल मिलता है.

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